क्या Police को किसी पर हाथ उठाने का अधिकार है | जानिए क़ानून क्या कहता है | (2026)

आप लोगो ने बहुत सी वीडियो में देखा होगा कि Police वालों को लोगो को मारते हुए | आमतौर पर Police अधिकारियों को ये लगता है कि उनको अधिकार है किसी को भी मारने का ,आप लोगो ने देखा होगा कि पुलिस व्यक्ति को थप्पड़ मार देती है ,डंडे से मारती है |

क्या पुलिस को ये अधिकार है किसी को भी मारने का ,या फिर ये किसी अपराध की श्रेणी में आता है | आम आदमी को अपने अधिकारों को जानना चाहिए और अगर कोई व्यक्ति Police डिपार्टमेंट में काम कर रहा है तो उसको भी पता होना चाहिए कि पुलिस के क्या अधिकार है ,और क्या पाबंदियां है |

किन परिस्थियों में Police बल का प्रयोग कर सकती है |

आत्मरक्षा,किसी दूसरे व्यक्ति की रक्षा,हिंसक हमले को रोकने ,भीड़ को क़ाबू करने के लिए या किसी ख़तरनाक अपराधी या व्यक्ति को पकड़ने के लिए पुलिस बाल का प्रयोग कर सकती है |

किसी पुलिस अधिकारी को किसी भी व्यक्ति को मारने का अधिकार नहीं है ,अगर police किसी व्यक्ति को गिरफ़्तार करने जा रही है ,इसमें आप को दो बारे समझने की ज़रूरत है एक तो पुलिस का क्या अधिकार है ,कब पुलिस बल का प्रयाग कर सकती है ,और आम आदमी का क्या अधिकार है |

अगर पुलिस किसी व्यक्ति को किसी गंभीर आरोप में गिरफ़्तार करने गई है ,या फिर उस व्यक्ति के ख़िलाफ़ वारंट जारी हो चुका है ,तो ऐसी गिरफ़्तारी के समय यदि व्यक्ति अपने आप को पुलिस के हवाले नहीं कर रहा है ,वो पुलिस के साथ चलने को तैयार नहीं है ,तो उस परिस्थिति में पुलिस बल का प्रयोग कर सकती है ,लेकिन इसमें भी पुलिस उसको डंडे और चाटे नहीं मार सकती है |

पुलिस किसी भी व्यक्ति के साथ पुलिस कस्टडी में मारपीट नहीं कर सकती है |

अगर Police ने अवैध रूप से मारपीट की तो क्या करे ?

अकसर आप लोगो ने देखा होगा कि थाने में कोई व्यक्ति अपनी शिकायत ले कर गया है और किसी बात पर पुलिस के साथ उसकी बहस होती है और पुलिस उसको मारने लगती है ,तो क्या ये भारतीय क़ानून में दंडनीय है |

भारतीय क़ानून में ये एक दंडनीय अपराध है | BNS(भारतीय न्याय संहिता) की धारा 115(2) में किसी के द्वारा किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करना एक दंडनीय अपराध है | इस धारा में लिखा है ,

जो कोई कार्य कर के जिसमे नेता ,पुलिस,अधिकारी ,इसमें कोई भी व्यक्ति हो सकता है ,किसी कार्य को इस अश्य के साथ करता है ,की उस कार्य को कर के किसी व्यक्ति को चोट पहुँचे ,तो क़ानून कहता है उस व्यक्ति ने अपनी मर्ज़ी से दूसरे व्यक्ति को क्षति या चोट पहुँचायी है |

इस में पुलिस को क्या साजा हो सकती है |

BNS के धारा 115(2) में उस व्यक्ति को जिसने जानबूझकर कर दूसरे व्यक्ति को चोट पहुँचायी है उसको एक साल की साजा हो सकती है और 10000 तक का जुर्माना हो सकता है |

Police अगर मारपीट करे तो इसकी शिकायत कहा करे |

Police

पुलिस अगर किसी व्यक्ति के साथ बिना किसी ढोस वजह के मारपीट करती है तो वो व्यक्ति निम्नलिखित जगह पर अपनी  शिकायत कर सकता है |

  • ज़िले के Superintendent of Police(SP) के पास अगर वो भी व्यक्ति की शिकायत पर कोई भी कार्यवाही नहीं करते है तो व्यक्ति DIG/IG के पास अपनी शिकायत कर सकता है |
  • व्यक्ति अपने ज़िले या राज्य में राज्य मानवाधिकार आयोग(State Human Rights Commission) या National Human Rights Commission में भी अपनी शिकायत कर सकता है |
  • व्यक्ति अपने क्षेत्र के न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने भी अपनी शिकायत कर सकता है |
  • व्यक्ति चाहे तो High Court में आर्टिकल 226 ,Supreme Court में  आर्टिकल 32 के अन्तर्गत अपनी रीट याचिका दाखिल कर सकता है |
  • अगर पुलिस हिरासत में मारपीट या किसी की मौत हो जाती है तो व्यक्ति कोर्ट से CBI जाँच की मंग भी कर सकता है |

इस परिस्थिति में नागरिक के क्या अधिकार है |

  1. अगर पुलिस की मार से चोट आई है तो सरकारी हॉस्पिटल में मेडिकल कराने का अधिकार |
  2. पुलिस वाले की रैंक,नाम,बैज नंबर जानने का अधिकार|
  3. अगर पुलिस की मार से किसी प्रकार के समान का नुक़सान हुआ है मोबाइल तोड़ना,ज़रूरी काग़ज़ फाड़ना ,और परिस्थितियों के अनुसार  मुआवज़े की मांग करने का अधिकार |
  4. गिरफ़्तारी की  स्थिति में परिवार ,दोस्त को सूचना देने और अपने वकील से मिलने का अधिकार |

FAQs

Q1. क्या पुलिस के ख़िलाफ़ FIR हो सकती है ?

Ans. अगर पुलिसकर्मी ने क़ानून का उल्लंघन किया है तो उसके ख़िलाफ़ FIR हो सकती है |

Q2. क्या पुलिस किसी व्यक्ति को बिना किसी वजह के मार सकती है ?

Ans. नहीं

Q3. अगर पुलिसकर्मी ने मारपीट की है तो सबसे पहले क्या करे ?

Ans.सरकारी हॉस्पिटल में मेडिकल करवाए और रिपोर्ट सुरक्षित रख ले और उच्च अधिकारी के पास शिकायत करे |

Q4. क्या पुलिस कसी व्यक्ति को पुलिस हिरासत में मार सकती है ?

Ans. नहीं ,ये पूरी तरह से क़ानून के ख़िलाफ़ है |

Q5. क्या पुलिस पर हाथ उठाना सही है?

Ans.नहीं ,ऐसे में व्यक्ति को क़ानूनी उपाय अपनाने चाहिए |

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